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what is vermibed ? How to make vermi compost ?

हेलो किसान

वर्मी कम्पोस्टिंग के जरिये कम जगह में कैसे अधिक पैसे कमाए जाते है न किसान भाइयो  आज हम आये है सजक महिला ग्राम उत्थान जो की मेरठ के अन्दर किना नगर में स्थित है| यह पर अमित  त्यागी जी से जानकरी लेंगे की आप बहुत कम जगह में वर्मी कम्पोस्टिंग से अच्छा प्रॉफिट कैसा  कमा सकते है चलिए बात करते है अमित त्यागी जी से |

सवाल  -वर्मी बेड “vermi bed” और वर्मी कम्पोस्टिंग (vermi compost ) की थोड़ी सी जानकरी दीजिये?

उत्तर –जैसे की वर्मी कम्पोस्टिंग के   कई सारे तरीके है जिसमे  वर्मी बेड का भी एक तरीका है वर्मी बेड (vermi bed ) में आप कम जगह में अधिक सामग्री डालकर एक अच्छा आउटपुट ले सकते है अगर हम इसको करना चाहे तो हमारे पास यदि जमीन उपलब्ध है तो अच्छी बात नही तो हम इससे घर के छत पर या लॉन  में भी कर  सकते है | आम समस्या एक आती है की जमीन की उपलब्धता कम है तो उस जगह पर कम्पोस्टिंग कैसे करे या कोई  शहर में करना चाहता हो तो फिर दिमाग में एक ही प्रश्न आता ही की मै कैसे करू तो ऐसे में वर्मी  बेड(vermi bed ) से कम्पोस्टिंग करना एक बेहतरीन उपाय है| सबसे अच्छी  बात है  की इसको  स्थापित करने के लिए ज्यादा बुनियादी चीजो की जरूरत  नही होती है | साथ में जरूरत पड़ने पर हम बेड को इधर उधर स्थापित भी  कर सकते है

सवाल – वर्मी कम्पोस्टिंग की लिए वी.के वर्मी बेड (vermi bed ) ही क्यों ?उत्तर वर्मी बेड कई प्रकार के आते है लेकिन वी.के पैक वेल प्राइवेट लिमटेड कम्पनी का वर्मी बेड गुणवता के  मामले में सबसे अच्छा है | और यह BIS ISI  प्रमाणित है |बाजार में मौजूद अन्य वर्मी बेड की अवधि एक साल से दो साल तक की होती है जबकि वी.के  वर्मी बेड लम्बे समय तक चलता है| U.V कोटेड होने के कारण इसका किसी मौसम का  प्रभाव नही पड़ता है |  क्योकि अच्छी वर्मी कम्पोस्टिंग (vermi compost ) के लिए वर्मी बेड की  गुणवता बहुत मायने रखती है |  इस बेड में जाली दी गयी है| यह आपके बेड की एयर को पास करता  है| जैसे की वर्मी कम्पोस्टिंग में हवा पानी और खाने का महत्व है तो इस वर्मी बेड में जाली की वजह से पूरे  बेड में एयर पास असानी से होता है  | जिससे की केचुआ  स्वस्थ रहेगा और उत्पादन ज्यादा करेगा |

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सवाल – वर्मी बेड ( vermi bed )को स्थापित कैसे करे?

उत्तर  देखिये जब हम शुरुवात करेंगे उससे पहले देखेंगे की ज़मीन का लेवल कैसा है |  हमे जो लेवल मेन्टेन करना है की एक तरफ स्लोप बना हो कम से कम 1 इंच का होना चाहिए | हमारे बैग का साइज़  12x4x2  का है तो  उसके अनुसार हमने स्पेस तैयार कर लिया है स्पेस तैयार करने के बाद हम देखेते है कि  एक तरफ का भाग थोडा ऊँचा रहेगा और दूसरा भाग 1 इंच नीचा रहे | इस स्लोप को देने  का उद्देश्य वर्मी कम्पोस्ट से निकलने वाला वर्मी वाश  |   गोबर में मौजूद १२ प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते है उन सूक्ष्म  तत्वों का उपयोग हमारे किसान भाई नही कर पा रहे है|| जब रोड पर हम गोबर डालते है |और या गड्ढे  मे पटकते है तो उस कंडीशन में क्या होता है की गोबर में बारिश का पानी पड़ता है तो पानी के माध्यम से गोबर का सारा तत्व निकल जाता है जब हम वर्मी बेड लगायेंगे तो गोबर  में मौजूद सारे तत्व स्लोप होने के कारण एक जगह  एकत्र हो जायेगा यही वर्मी वाश  कहलाता है |

स्लोप तैयार करने के बाद बेड को बिछा लेते है | हमे  इस बैग को फिट  करना है तो हम क्या करेंगे पहले बेड में मौजूद 16  पोर्ट दिए हुए है और कुछ पॉकेट दिए हुए है इन पॉकेट में डंडे लगाने है |डंडे हम सीधे बैग रखने के बाद नही लगायेंगे पहले हम इसमें निशान बनायेंगे और हम निशान को किसी  भी प्रकार की राख या चूने  से बेड के १ मीटर अन्दर निशान लगा देंगे| अब हमे यह ध्यान रखना है की बेड को इधर उधर नही रखना है | अब हम इसमें डंडे लगायेंगे | जैसे की हमने  यह डंडे लगा दिए है| डंडे लगते समय यह ध्यान रखना की डंडे का  झुकाव इधर उधर न हो बल्कि वर्मी बेड की तरफ होना चाहिए | अब हम वर्मी बेड में मौजूद पॉकेट में डंडो को फसाते है | वर्मी बेड के निचले वाले हिस्से में एक प्लास्टिक की पाइप लगाकर उसे बाहर  की ओर निकालते  है ओर बाहर एक बाल्टी रखते है जिसमे की वर्मी वाश एकत्र होगा  |

सवाल वर्मी कम्पोस्ट (vermi compost ) तैयार करने के बिधि बताइए ?

उत्तर –वर्मी कम्पोस्टिंग (vermi compost ) तैयार करने के लिए हम सबसे पहले  घास फूस कचरे की परत लगायेंगे   तथ्य यह है कि  जब हम उसके  उपर गोबर डालेंगे और उपर से पानी डाला जायेगा    तो यह जाली बंद  हो जाएगी  यदि  उपर से अगर कूड़ा कचरा पड़ा होगा तो इससे एयर आसानी से पास हो  पायेगी और गोबर पूरा जमेगा नही नीचे| और  उसमे मौजूद फालतू का पानी की निकलने की जगह रहेगी  |

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सवाल – गोबर की मात्रा क्या रहेगी ?

उत्तर-  इस वर्मी बेड (vermi bed ) के अन्दर लगभग 1500 किलो गोबर आसानी से आ जाता है| इसमें जो हम केचुआ डालेंगे | उसकी मात्रा लगभग 20 किलो होगी |यह 20 किलो केचुआ  70 दिन में सारे गोबर खा के वर्मी कम्पोस्ट  में बदल देंगे इसमें कम से कम 600 किलो खाद तैयार होगी जो की एक महत्वपूर्ण बात है की इस प्रक्रिया के दौरान आपके केचुओ की संख्या  दोगुनी हो जाएगी अगर हमने  6 रूपये किलो भी खाद बेचीं तो 3600 रूपये की आपकी तो खाद तैयार हो जाती है  | और इस बेड में आपने 20 किलो केचुआ डाला था 300  रुपये किलो के हिसाब से अब वो केचुआ हो गया 40 किलो तो 20 किलो  केचुए का प्रॉफिट हुआ तो 6 हजार रूपये का आपका केचुआ बढ़ गया| तो एक बेड से 3600 रूपये की खाद और 6000 रूपये के केचुआ तो कुल 9600 रूपये मिले यदि यह बेड आपके पास 10 है तो 70 दिन के चक्कर में आपको 96000 रूपये का सामान तैयार हो गया   

सवाल- अगर हम केचुए नही बेचते है तो इसकी इकनोमिक क्या होगी ?

उत्तर यह तो और भी सरल है जो वर्मी कम्पोस्ट (vermi compost ) आपकी  70  दिन  में  बन के तैयार हो  रही थी  तो वो आपकी 35 दिन में तैयार हो जायेगी |

सवाल- वर्मी कम्पोस्ट (vermi compost process )  के एंड तक की प्रोसेस बताइए ?

 उत्तर-अभी तक अपने पढ़ा की हमारे बेड (vemi bed ) तैयार हो चुके है | अब हम दुसरे चरण में केचुए डालेंगे यह ब्रीड है आइसीनिया फोटिडा यह एक आस्ट्रेलिया ब्रीड है यह दुनिया की रिचेस्ट प्रोटीन तत्व है | यह कूड़ा कागज फूल पत्ती सब कुछ खा कर इसको उंच गुणवता वाले कम्पोस्ट में बदल देते है  | अब हम आ जाते है तृतीय चरण में अब हम पराली डाल सकते है अगर हमारे पास पराली नही तो हम इसमें जूट बैग भी डाल   सकते है |  इसका फायदा यह है की वर्मी कम्पोस्ट में  नमी बरकरार रहेगी | और केचुए हमेशा  अँधेरे   में रहेंगे | सिर्फ इसमें जो नमी है| इसको हम ४० दिन तक बरकरार रखेंगे | केचुआ  खाता जायेगे और नीचे की और जाता जायेगा | 12 फीट का बेड है इसमें हमे सिर्फ 12 लीटर पानी ही डालना है वो सिर्फ मौसम के अनुसार | और कुछ दिनों में  वर्मी कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जायेगा  |

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